मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना: विधवाओं के अनाथ बच्चों का सुनहरा भविष्य तय !

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आधुनिक समाज में सामाजिक न्याय और समृद्धि की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय हिमचाल सरकार ने किया है। जहां “मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना” के माध्यम से, गरीब विधवाओं के अनाथ बच्चों को समर्थन और पोषण की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। यह योजना सिर्फ एक सामाजिक पहल नहीं है, बल्कि एक कदम है जो समृद्धि की दिशा में गरीब विधवाओं के अनाथ बच्चे को साथ लेकर बढ़ाएगा। आईए इसको विस्तार से समझें…

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मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना

Sukhashraya Yojana Overview

योजनामुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना
राज्यहिमाचल प्रदेश
लाभबच्चों का भरण पोषण
लाभार्थीविधवाओं के 6000 अनाथ बच्चे
आवेदन प्रक्रियास्पष्ट नही
ऑफिशियल वेबसाइटClick

मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना क्या है ?

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार, जो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में काम कर रही है, अब प्रदेश के लोगों को एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने पत्रकार वार्ता में इस बारे में बताया कि राज्य सरकार अब विधवा महिलाओं के बच्चों और अनाथ बच्चों का खर्च पूरा करेगी, सुखाश्रय योजना के तहत बाल-बालिका आश्रमों में रह रहे बच्चों को प्राथमिक से उच्च शिक्षा आश्रम में ही देने का विचार है. इसमें उनकी देखरेख, शादी, पॉकेट मनी, घूमने-फिरने के खर्च, भूमिहीन को घर बनाने के लिए तीन बिस्वा जमीन शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय योजना का उद्देश्य

इस योजना के पहले चरण में, सरकार लगभग 6000 अनाथ बच्चों को गोद लेगी और उनका भोजन भी देगी। भरण पोषण के तहत अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार भरेगा। इसके अलावा, वे अपने घर और शादी के खर्चों का भुगतान भी करेंगे। इसके अलावा, सरकार ने यह भी फैसला किया है कि अनाथ बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार द्वारा अनाथ बच्चों को इतनी सुविधाएं दी जाएंगी, तो वे भी बुरे कामों से दूर होकर समाज की मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित होंगे और हिमाचल प्रदेश राज्य की तरक्की में भी योगदान देंगे।

हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय योजना

हिमाचल सुखाश्रय योजना की विशेषताएं

  • आर्थिक सहायता: सरकार योजना के अंतर्गत 18 साल से अधिक उम्र के अनाथ बच्चों को हर साल ₹1,00,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
  • मासिक आर्थिक सहायता: सरकार द्वारा पॉकेट मनी के रूप में ₹4000 हर महीने देने का निर्णय लिया गया है, जो 18 साल से छोटे अनाथ बच्चों को लाभार्थी बनाएगा।
  • शिक्षा सुविधा: योजना में शिक्षा, लॉजिंग, और हॉस्टल की सुविधा प्रदान करने का उद्देश्य है, जो अनाथ बच्चों को बेहतर जीवन यापन की संभावना देगा।
  • विवाह सहायता: योजना के तहत सरकार द्वारा अनाथ बच्चों की शादी के लिए ₹2,00,000 की सहायता प्रदान की जाएगी।
  • आधुनिक वित्तीय प्रबंधन: सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम का उपयोग करके पैसा लाभार्थी व्यक्ति के बैंक अकाउंट में सीधे देगी, जो एक आधुनिक वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण हो सकता है।
  • योजना की अवधि: इस योजना का लाभ 27 साल तक के अनाथ बच्चों को मिलेगा, जिससे उन्हें दी जाने वाली सहायता की अवधि की निर्धारिती है।
  • विभिन्न आयु समूहों के लिए आर्थिक सहायता: योजना के तहत विभिन्न आयु समूहों के अनाथ बच्चों को महीने की आर्थिक सहायता देने के माध्यम से विवेकपूर्ण और सामाजिक समानता का प्रमोशन किया जा रहा है।
  • विधायकों का समर्थन: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के 40 विधायकों से अपनी सैलरी का दान करने की रिक्वेस्ट की है, जिससे योजना को समर्थन मिलेगा।

HP Sukhashraya Yojana Benefits

हिमचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने एक योजना को कानून बनाया है। दरअसल, राज्य के अनाथ बच्चों की देखभाल, संरक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए एक विधेयक विधानसभा में कुछ समय पहले पेश किया गया था। रविवार को इस पर चर्चा हुई और विधानसभा ने इसे मंजूरी दी। और इसे State Flower नाम दिया गया है। इस अधिनियम को पारित करने के बाद, मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अनाथ बच्चों को दया नहीं, बल्कि उनका अधिकार मिलना चाहिए। आपको बता दें कि राज्य सरकार ही राज्य के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों की पूरी देखभाल करेगी।

साथ ही,उन बच्चों को हर महीने चार हजार रुपये की पॉकेट मनी भी दी जाएगी, इसके अलावा बच्चों को 27 साल की उम्र में अपना खुद का घर बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन दी जाएगी और राज्य सरकार उन्हें हर महीने चार हजार रुपये की पॉकेट मनी भी देगी। राज्य सरकार ने 101 करोड़ रुपये का धन देकर इसकी शुरुआत की है।

HP Sukhashraya Yojana
HP Sukhashraya Yojana

मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना ऑनलाइन आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता 

  • हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी इस योजना में पात्र होंगे,
  • योजना केवल अनाथ बच्चों को शामिल करेगी।

हिमाचल सरकार के कृषि मंत्री ने कहा कि गोबर ख़रीद योजना के तहत किसानों से खरीदा गया गोबर भंडारण किया जाएगा और गोबर की आपूर्ति बागवानी, कृषि क्षेत्र और नर्सरी में होगी। किसानों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों को विपणन के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा और जैविक फसलों को उचित मूल्य पर खरीदा जाएगा। 

मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना ऑनलाइन आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड की फोटोकॉपी,
  • मूल निवास प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी,
  • माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र,
  • बैंक अकाउंट की जानकारी,
  • फोन नंबर,
  • ईमेल आईडी,
  • शैक्षिक योग्यता पत्र,
  • आय प्रमाण पत्र।

नारी को नमन योजना के तहत राज्य में महिलाओं को बस यात्रा करने पर बस के किराए में 50% की छूट दी जाएगी लेकिन यह छूट सिर्फ हिमाचल सड़क परिवहन निगम के अंतर्गत आने वाली बसों में ही मिलेगी। 30 जून 2022 को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बस के किराए को ₹7 से कम करके ₹5 किया था।

HP Sukhashraya Yojana Apply Online कैसे करे ?

यदि आप  Sukhashraya Yojana Apply Online करना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि राज्य सरकार अभी आवेदन प्रक्रिया को स्पष्ट नहीं कर रही है. हालांकि, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हिमाचल सरकार जल्द ही इसके बारे में स्पष्ट करेगी। अब हम आपको बताना चाहेंगे कि अगर आप सुखाश्रय योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो सबसे पहले सुखाश्रय योजना ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जानने के लिए हमसे जुड़े रहें।

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Credit: JantaTv

देश की सभी गर्भवती महिलाओं को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना की शुरुआत की गई इस योजना के तहत गर्भधारण महिला और स्तनपान कराने वाली महिला को ₹6000 की आर्थिक धनराशि की सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को धनराशि तीन किस्तों में दी जाती है।

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Himachal Pradesh Sukhashraya Yojana: FAQs

Q1. मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना क्या है ?

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खूजी ने कहा कि इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को दया नहीं, बल्कि उनका अधिकार मिलना चाहिए, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा राज्य के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों की पूरी देखभाल करेगी।

Q2. Sukhashraya Yojana Apply Online कैसे करे ?

सुखाश्रय योजना ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जानने के लिए के ऊपर ब्लॉग को ध्यान से पढ़े।

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Working for education and society anylisis as Content writer.

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